Kislay Komal's Blog

संघर्ष

मुझे पक्का यकीन हो गया कि भगवान् मेरा हमेशा साथ देते हैं. साथ देने का तात्पर्य मेरा यह नहीं कि मैं जो करता हूँ उसमें सफल हो जाता हूँ, मेरा कहने का अर्थ यह है कि जब भी मैं खुद के लिए कुछ करता हूँ, मुझे उसमें सफलता नहीं मिलती, जब भी मैं दूसरों के लिए कुछ मांगता हूँ मेरी वो मांग झट पूरी हो जाती है, और जब भी मैं कोई गलत काम करता हूँ, उसका परिणाम मुझे तुंरत एक सजा के रूप में मिल जाता है| भगवान् आप बस ऐसे ही मेरा साथ देते रहना मुझे अपनी जिन्दगी में कुछ भी नहीं चाहिए, लेकिन जब भी कुछ माँगूँ आपसे औरों के लिए वो जरूर पूरा करना हमेशा की तरह.पिछले कुछ महीनों में मैंने सब कुछ खो दिया आज मेरे पास न तो पैसा है, न तो प्यार है, न तो गुरु है न ही संस्कार है. मेरे हाथ खाली हैं और मैं वो बदनसीब हूँ जिसकी आह पर भी लोगों को लगता है, शायद ये कोई नया नाटक होगा. मैं वो हूँ जिसके साथ चलने में लोगों को शर्म आये. मुझे नहीं मालूम लोग कितने अच्छे और कितने बुरे हैं. मुझे बस इतना पता है मैं खुद की नजरों में गिरा हूँ, और बस उठने की कोशिश कर रहा हूँ. जब उठ जाऊँ तो एक बार आपके पास आऊंगा, आप मुझे अपनाओगे? सच की जीत होती है ये भरोसा दिलाओगे ?

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